Sunday, 12 January 2014

रोगशैय्या पर प्रेमचंद

रोगशैय्या पर प्रेमचंद, अपनी अंतिम बीमारी के वक्त। रामकटोरा वाले घर में यह तस्वीर 'अज्ञेय' ने सितम्बर 1936 में ली थी, जब वे उपन्यास-सम्राट की मिजाज-पुरसी के लिए बनारस गए। अगले महीने प्रेमचंद का परलोकगमन हो गया था। आपको पता है, अज्ञेय की पहली कहानी 'अमर-वल्लरी' प्रेमचंद ने ही प्रकाशित की थी, 'जागरण' में 5 अक्तूबर, 1932 को। अज्ञेय तब, अन्य क्रांतिकारियों के साथ, दिल्ली षड्यंत्र मुकदमे में जेल काट रहे थे, जहाँ से तीन साल बाद छूटे।

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